Surah Al-Jumuah (सूरह जुमा) क़ुरआन की 62वीं सूरह है, जो 28वें पारे में आती है। इसमें जुमा की नमाज़ की अहमियत और ईमान वालों के लिए नसीहत का ज़िक्र है।
इस वीडियो में आप खूबसूरत आवाज़ में Surah Juma की तिलावत सुनेंगे, साथ ही इसका अरबी टेक्स्ट और आसान Translation भी पाएंगे।
वीडियो में शामिल:
Surah Juma की पूरी तिलावत
Arabic Text + आसान Translation
जुमा की नमाज़ की अहमियत
खूबसूरत और साफ़ Recitation
फायदे:
दिल को सुकून और इमान में मजबूती
जुमा की नमाज़ के फज़ाइल का इल्म
कुरआन की समझ में इज़ाफ़ा
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